Digital marketing क्या है और यह पारंपरिक मार्केटिंग से कैसे अलग है?
डिजिटल मार्केटिंग ऑनलाइन ग्राहक तक पहुँचने का काम है। वेबसाइट, सर्च, सोशल मीडिया, ईमेल और ऑनलाइन विज्ञापन इसी में आते हैं। पारंपरिक मार्केटिंग अखबार या होर्डिंग पर टिकी होती है। वहाँ अक्सर यह नहीं गिना जाता कि कौन-सा संदेश काम आया। ऑनलाइन विज़िट और फ़ॉर्म दर्ज हो सकते हैं, इसलिए अगला खर्च पिछले नतीजे देख कर तय होता है।
| बात | पारंपरिक मार्केटिंग | डिजिटल मार्केटिंग |
|---|---|---|
| मध्यम | प्रिंट, होर्डिंग, रेडियो, टीवी | साइट, सर्च, सोशल, ईमेल, विज्ञापन |
| जवाब | अक्सर अनुमान | विज़िट, कॉल और फ़ॉर्म गिने जा सकते हैं |
| बदलाव | अगले अंक या अगले बोर्ड तक इंतज़ार | विज्ञापन या पेज उसी सप्ताह बदला जा सकता है |
| पहुँच | इलाके या अखबार के पाठक | शहर, देश या एक खोज करने वाला व्यक्ति |
नाम नया होने से काम नया नहीं हो जाता। आपको अभी भी यह तय करना है कि ग्राहक कौन है और उसे कौन-सी बात समझानी है। फर्क सिर्फ इतना है कि संदेश एक पते पर रहता है जिसे बाद में जाँचा जा सकता है। WebJi® 2005 से कारोबार में है और पंजीकृत दफ्तर जयपुर में है। यह पेज परिभाषा है, किसी एक शहर का विज्ञापन नहीं।
Digital marketing के मुख्य प्रकार (SEO, Social Media, Google Ads, Email, Content) कौन से हैं?
मुख्य प्रकार पाँच हैं। SEO में पेज को सर्च के लायक बनाया जाता है और प्रति क्लिक नहीं खरीदा जाता। सोशल मीडिया पर प्रोफ़ाइल और पोस्ट संभाले जाते हैं। Google Ads में खोज पर जगह किराए पर ली जाती है। ईमेल उन्हीं को जाता है जिन्होंने पता दिया हो। कंटेंट वह पेज है जिस पर बाकी माध्यम टिकते हैं।
| प्रकार | आप क्या करते हैं | भुगतान कैसा होता है |
|---|---|---|
| SEO | पेज, तकनीकी सेहत और दूसरों के उल्लेख | काम का शुल्क। क्लिक अलग से नहीं बिकता |
| Social media | पोस्ट, जवाब और प्रोफ़ाइल | संभालने का शुल्क। बढ़ावा अलग बजट हो सकता है |
| Google Ads | खोज या डिस्प्ले पर विज्ञापन | मीडिया खर्च प्लेटफ़ॉर्म को। संभालना अलग हो सकता है |
| अनुमति पाए पते पर पत्र | टूल और लिखने का समय। खरीदी हुई सूची नहीं | |
| Content | लेख, पेज, चित्र या वीडियो | बनाने का शुल्क। अपने आप ट्रैफ़िक नहीं |
सर्च वाले हिस्से की हिंदी परिभाषा SEO क्या है पर है। पोस्ट और प्रोफ़ाइल वाला काम सोशल मीडिया मार्केटिंग सेवा पर अलग से लिखा है। इस पेज पर हर प्रकार का पूरा कोर्स नहीं है। एक साथ पाँच माध्यम चालू करना छोटे बजट में अक्सर अधूरा रह जाता है।
छोटे और स्थानीय भारतीय व्यापार (small business) के लिए डिजिटल मार्केटिंग कहाँ से शुरू करें?
शुरुआत वहाँ से करें जहाँ ग्राहक आपका नाम ढूँढता है। दुकान के लिए Google Business Profile पर सही नाम, श्रेणी, फ़ोन और पता लगाएँ, और वही विवरण वेबसाइट पर रखें। फिर एक साफ साइट बनाएँ जिसमें सेवा, शहर और संपर्क लिखा हो। विज्ञापन का बजट उसके बाद खोलें। बिना पेज के क्लिक रुकने की जगह नहीं पाता।
- प्रोफ़ाइल और साइट पर एक ही नाम, पता और फ़ोन रखें। जिस शहर में दफ्तर नहीं है, उसका पता न लिखें।
- होम पेज पर बताएँ कि आप क्या बेचते हैं और किस इलाके में। फ़ोन या फ़ॉर्म दोनों में से एक साफ दिखाई दे।
- जिन सेवाओं पर लोग सर्च करते हैं, उनके छोटे पेज लिखें। एक पेज पर दस सेवाएँ ठूँसना ज़रूरी नहीं।
- ईमेल उन्हीं को भेजें जिन्होंने पता दिया हो। खरीदी हुई सूची से पत्र न चलाएँ।
- विज्ञापन तब चलाएँ जब पेज तैयार हो और आप महीने का मीडिया खर्च अलग से रख सकें।
WebJi® का सपोर्ट ईमेल support@webji.services है। यह चौबीसों घंटे हिंदी और अंग्रेज़ी में है, और पहला जवाब औसतन साठ मिनट के अंदर जाता है। दफ्तर का फ़ोन +91-141-4941811 चौबीसों घंटे की लाइन नहीं है। बारह हज़ार से ज़्यादा क्लाइंट ऑनलाइन जुड़े हैं। यह आँकड़ा किसी एक शहर की रैंकिंग का वादा नहीं है।
भारत में डिजिटल मार्केटिंग करने में हर महीने कितना खर्च आता है?
हर महीने एक ही राशि नहीं होती। SEO या सोशल मीडिया का रिटेनर काम का शुल्क है। Google Ads का मीडिया खर्च अलग है और बोली तथा क्लिक पर बदलता है। इस पेज पर कोई नया पैकेज रेट नहीं है। प्रकाशित राशि एजेंसी पेज पर है, और बिल पर 18% GST जुड़ता है।
- प्रबंधन शुल्क और विज्ञापन का मीडिया खर्च एक ही संख्या नहीं हैं।
- जो काम तालिका में नहीं है, उसकी कीमत भुगतान से पहले लिखवाएँ।
- सस्ते क्लिक का मतलब बिक्री नहीं। पेज और ऑफ़र कमज़ोर हो तो खर्च बढ़ता है।
प्रकाशित रिटेनर ऑनलाइन मार्केटिंग एजेंसी के पेज पर पढ़ें। वहाँ जो पंक्ति नहीं है, उसे यहाँ अनुमान से न जोड़ें। छोटे व्यापार के लिए अक्सर एक माध्यम काफी होता है। पाँचों प्रकार एक ही महीने में लेना ज़रूरी नहीं।

